Tuesday, 16 July 2013

Express Your Love

Photo: ध्यानावस्था में प्रभु से वार्तालाप -८-

साधक- कोशिश तो खूब करता हूँ, किन्तु मन के आगे मेरी कुछ चलती नहीं |

भगवान- खूब कोशिश करता हूँ यह मानना गलत है | कोशिश थोड़ी करते हो और उसको मान बहुत लेते हों |

साधक- इसके सुधारने के लिए मैं विशेष कोशिश करूँगा; किन्तु शरीर में और सांसारिक विषयों में आसक्ति रहने तथा मन चन्चल होने के कारण आपकी दया बिना पूर्णतया शरण होना बहुत कठिन प्रतीत होता है |

भगवान-कठिन मानते हो इसलिए कठिन प्रतीत हो रहा है | वास्तव में कठिन है नहीं |

साधक-कैसे न कठिन मानूँ? मुझे तो ऐसा प्रयत्क्ष प्रतीत होता है |

भगवान-ठीक मालूम हो तो होता रहे, किन्तु तुम्हे हमारी बात की और ध्यान देना चाहिये |

साधक-आज से आपकी दयापर भरोसा रखकर कोशिश करूँगा जिससे वह मुझे कठिन भी मालूम न पड़े | किन्तु सुना है की आपके थोड़े-से भी नाम-जप तथा ध्यान से सब पापों का नाश हो जाता है | शास्त्र और आप भी ऐसा ही कहते है, फिर वृतियाँ मलिन होने का क्या कारण है ? थोडा-सा भजन-ध्यान तो मेरे द्वारा भी होता ही होगा |

भगवान-भजन-ध्यान से सब पापों का नाश होता है यह सत्य है किन्तु इसमें कोई विश्वाश करे तब न | तुम्हारा भी तो इसमें पूरा विश्वास नहीं है, क्योकि तुम मान रहे हों की पापों का नाश नहीं हुआ है | वे अभी वैसे ही पड़े है |

साधक-विश्वास न होने में क्या कारण है ?

भगवान-नीच* और नास्तिकों# का संग, सन्च्चित पाप और दुर्गुण |

* झूठ, कपट, चोरी, जारी, हिंसा आदि शास्त्रविपरीत कर्म करने वालों को नीच कहते है |

# ईश्वर को तथा श्रुति, स्मृति आदि शास्त्रको न मानेवाले को नास्तिक कहते है |      

साधक-पाप और दुर्गुण क्या अलग-अलग वस्तु है ?

भगवान-चोरी, जारी, झूठ, हिंसा और दम्भ-पाखंड आदि पाप है तथा राग, द्वेष, काम, ल्रोध, दर्प और अहंकार आदि दुर्गुण है |

साधक-इन सबका नाश कैसे हो?

भगवान-इनके नाश के लिए निष्काम भाव से भजन, ध्यान, सेवा और सत्संग आदि करना ही सबसे बढकर उपाय है |

साधक-सुना है वैराग्य होने से राग-द्वेषादी दोषों का नाश हो जाता है और उससे भजन-ध्यान का साधन भी अच्छा होता है |

भगवान-ठीक है ! वैराग्यसे भजन-धयन का संग्रह बढ़ता है | किन्तु अंत:करण शुद्ध हुए बिना दृढ वैराग्य भी तो नहीं होता | यदि कहो तो शरीर और संसारिक भोगों में दुःख और दोषबुद्धि करने से भी वैराग्य हो सकता है, सो ठीक है | पर यह वृति भी उपर्युक्त साधनों से ही होती है | अतएव भजन, ध्यान, सेवा और सत्संग आदि करने की प्राणपर्यन्त चेष्टा करनी चाहिये |.

Om Namah Shivay.

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Express Your Love : 

Love is something that cannot be hidden. You cannot hide love, nor can you express it fully. Just try hiding love. It is impossible to hide love. Love will just pour out of your eyes for the one you love.

If anyone’s heart is filled with love, then his or her eyes just radiate that love. And yet you cannot express it completely also. How will you do it? For ages, man has been trying to express his love. He has tried all ways but has still has not been able to express it fully. That is why a lover always says, ‘Nobody understands me!’

Why do they say this? It is because they are not able to express their love completely.

Generally, women complain that nobody understands them. A woman has a lot of love for everyone in the family, but because she is not able to express it completely, she feels that no one in the family, neither the husband, nor the son, or the father, no one understands her.

Om Namah Shivay.

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