Monday 30 June 2014

God as a Child

Photo: केरॉली टेकक्स, ये नाम शायद किसी ने नहीं सुना होगा, लेकिन हंगरी में वे एक हीरो की तरह मानते हैं| उनकी संघर्ष और जुनून की कहानी आपको भी टेकक्स का फ़ैन होने पर मजबूर कर देगी| 1938 में टेकक्स हंगरी की आर्मी के सिपाही थे और दुनियाँ के टॉप पिस्टल शूटरों में शुमार थे| वो 1940 में टोक्यो मे होने वाले Olympic में गोल्ड मेडल जितना चाहते थे| लेकिन Olympic कुछ समय पहले ही उनके सारे अरमान धूमिल हो गये| एक ट्रैनिंग के दौरान एक बॉम्ब टेकक्स के हाथ में ही फट गया और उसने अपना दाहिना हाथ गवाँ दिया|काफ़ी दिन उसे अस्पताल में रहना पड़ा और इसी के साथ उसका Olympic जीतने का सपना भी टूट गया| हममें से ज़्यादातर लोग ऐसा होने पर हार कर बैठ जाते या भाग्य को दोष देते लेकिन टेकक्स ने ऐसा नहीं किया|

अपनी विफलता पर आँसू बहाने की बज़ाए वो बाँये हाथ से पिस्टल चलाने की practice करने लगा| 1939 मे हंगरी में पिस्टल शूटिंग championship का आयोजन हुआ टेकक्स भी वहाँ पहुचे| लोगों को लगा की वो प्रतियोगिता देखने आया है, लेकिन जब उन्होनें सुना कि वो प्रतियोगिता देखने नहीं बल्कि उसमें हिस्सा लेने आए हैं तो सारे लोग अचंभे मे पड़ गये| किसी को विश्वास नहीं हुआ लेकिन टेकक्स उस प्रतियोगिता में चॅंपियन बने|

1948 में फिर से जब ओलिंपिक का आयोजन हुआ तो टेकक्स को अपनी उम्मीदों को साकार करने का मौका मिला और वे गोल्ड मेडल जीत गये और 38 की उम्र के ये खिताब लेकर विश्व रिकॉर्ड कायम किया |

टेकक्स के अनुसार मानसिक रूप के मजबूत व्यक्ति जीवन में हर मुश्किलों का सामना कर सकता है| उनकी जगह कोई और होता तो कब का जिंदगी से हार मान चुका होता, टेकक्स भी वैसा कर सकता था और अपने भाग्य या भगवान को इसके लिए दोष दे सकता था लेकिन नहीं| लेकिन नहीं एक हारा हुआ इंसान फिर से उठ खड़ा हुआ और उसने अपने हॉंसलों से साबित कर दिया कि अगर कोई इंसान ठान ले तो दुनियाँ की कोई ताक़त उसे नहीं रोक सकती.

आपको ये कहानी कैसी लगी हमे जरुर बताये ।

Om Namah Shivay

***Write " Om Namah Shivay " if you ask for God's blessing on your life today. Please Like, Tag and Share to bless others!

http://www.vedic-astrology.co.in

God as a Child

Can you see God as a child? You have always thought of God as a father, up in the heavens somewhere. Can you see God as a child?

God is the very core of your existence. You are pregnant with God. You have to take care of your pregnancy and deliver the child into the world. Most people do not even deliver. One who delivers can also grant wishes.

God is your child. He/She clings onto to you like a baby till you grow old and die. God keeps crying for nourishment. God clings onto the devotee. He/She needs you to nourish Him/Her in the world. Sadhana, Satsang and Seva are the nourishment.

You always think of God as a father. Then you want to demand and take from God. But when you see God as a child, you have no demands.

Student says: You cannot pray to a child; you can only pray to your father.

Guruji : Why do you want to pray? Why do you want to ask? A good father knows what to give.

Student : What about surrender?

Guruji : Your surrender to a child is more authentic as it has no demand.

TAKE CARE OF YOUR GOD! Atheists are around the corner! Doubts, disbelief and ignorance are atheists in your mind, so better take care of your God!

Om Namah Shivay

No comments:

Post a Comment